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अप्रैल, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पढ़ाई में मन...

जब आप से पढाई ना हो और मन नही लगे तो एक बार इसे पढ़ लेना शायद पढाई होने लगे ............. आज मायूस है तू आज डरा हुआ है तू आखिर क्या मायूस होना जीत है क्या डर के खामोस बैठ जाना जीत है अरे तू कभी ख़ुद्दार हुआ करता था अरे तू कभी रातो पढ़ा करता था फिर आज ये डर कैसा, ये मायूसी कैसी? क्या भूल गया वो पल जब तूने घर से बैग उठाया था क्या बोला था दोस्त को ,क्या बोला था जलने वालो लोगो को अरे उस वक्त को याद कर जब तू अलग था, अरे वो वक्त याद कर जब तू ट्रेन में बैठा था, अरे उस मुसाफिर को याद कर जिसे ias बनने की ट्रेन में बोला था, याद आ गये ना वो दिन जब सपनों को इज्जत माना जाता था, याद आ गये ना वो दिन जब दोस्त को पढाई के बहाने ना बोला जाता था याद कर वो दिन जब अकेले में किसी को कहा था की ias बनूंगा, क्यों चुप है अब, क्यों सोया है अब , अरे दो दिन में पहाड़ नही उखड़ते अरे अपनी आत्मा को जगा,, अपनी शक्ति को पहचान,, मेरे दोस्त तू ही एक है जो तेरे सपने पूरे कर पायेगा कोई और नही याद कर उस मजदूर को जिसे रोटी नही मिलती, याद कर उस बच्चे को जिसकी जिन्दगी प्लेटफार्म पर पलती अरे याद कर ...

ये कैसा आरक्षण...

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ये कैसा आरक्षण... अमेरिका के बाजारों में लोहे की जंजीरों में जकड़े, गले में पट्टा पहनकर जानवरों की तरह महज सौ साल पहले बिकने वाले निग्रो, बगैर किसी आरक्षण के व्हाइट हाउस तक पहुंच गये और ओपरा विनफ्रे जैसी तमाम हस्तियां मीडिया में किंग बन गई... हॉलीवुड पर विल स्मिथ जैसे तमाम नीग्रो का कब्जा है, अमेरिका के 30%  जज नीग्रो है... . करीब 40% पुलिस और 32% आर्मी नीग्रो है... अमेरिका के 12 स्टेट के गवर्नर नीग्रो हैं. . और . हमारे देश में सबसे पहले महाग्रंथ लिखने वाले वाल्मीकि महान संत रविदास, समाज सुधारक ज्योतिबा फुले, रानी झलकारी देवी और राजा सुहेलदेव  संविधान लेखक और आठ विषय मे डाक्टरेक्ट डॉक्टर बाबा साहब के वंशज चन्द समाज के लोगो के बहकावे पर और फ्री की रोटी की आस में, अभी तक इसी झूठ पर ही रोते हैं कि उनको लिखने पढ़ने नहीं दिया गया. इनक्रेडिबल इंडिया इसी को कहते हैं !
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भोजन का आदर... बर्तन से पूरी तरह पोंछ कर खाना खाने वाले एक बालक के दोस्त उसका रोज मज़ाक उडाते थे... एक ने उस बालक के दोस्त ने पूछा- "तुम रोजाना बर्तन में एक कण भी क्यों नही छोड़ते...? बालक ने बड़ा ही सुन्दर जवाब दिया... बालक बोला इसके 3 कारण है। 1. यह मेरे पिता के प्रति आदर है, जो इस भोजन को मेहनत से कमाए रूपयों से खरीद कर लाते हैं। 2. ये मेरी माँ के प्रति आदर है जो सुबह जल्दी उठकर बडे चाव से इसे पकाती हैं। 3. यह आदर मेरे देश के उन किसानो के प्रति है, जो खेतो में भूखे रहकर कड़ी मेहनत से इसे पैदा करते हैं।" इसलिए थाली में झूठा छोड़ना अपनी शान ना समझें ||खाना खाओ मनभर - ना छोडो कणभर|| उतना ही ले थाली में... व्यर्थ ना जाए नाली में...

आरक्षण की तलवार...

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आरक्षण की तलवार... *"करता हूँ अनुरोध आज मैं, भारत की सरकार से,"* *"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"* *"वर्ना रेल पटरियों पर जो, फैला आज तमाशा है,"* *"जाट आन्दोलन से फैली, चारो ओर निराशा है…"* *"अगला कदम पंजाबी बैठेंगे, महाविकट हडताल पर,"* *"महाराष्ट में प्रबल मराठा , चढ़ जाएंगे भाल पर…"* *"राजपूत भी मचल उठेंगे, भुजबल के हथियार से,"* *"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"* *"निर्धन ब्राम्हण वंश एक, दिन परशुराम बन जाएगा,"* *"अपने ही घर के दीपक से, अपना घर जल जाएगा…"* *"भड़क उठा गृह युध्द अगर, भूकम्प भयानक आएगा,"* *"आरक्षण वादी नेताओं का, सर्वस्व मिटाके जायेगा…"* *"अभी सम्भल जाओ मित्रों, इस स्वार्थ भरे व्यापार से,"* *"प्रतिभाओं को मत काटो, आरक्षण की तलवार से…"* *"जातिवाद की नही , समस्या मात्र गरीबी वाद है,"* *"जो सवर्ण है पर गरीब है, उनका क्या अपराध है…"* *"कुचले दबे लोग जिनके, घर मे न चूल...

क्या क्या हो गया....

क्या क्या हो गया.... आंगन वही है बचपन कहीं खो गया घर वही है बस मायका खो गया बगियाँ वही है वो मेरा सुमन खो गया अपने वही है अपनापन कहीं खो गया आना वही जाना वही बस वो इंतज़ार खो गया जो मेरा,सिर्फ मेरा था वो किसी और का हो गया बचपन की गलियों में सबकुछ मेहमाँ सा हो गया रूठना, हक़ जताना अब ये सब अतीत हो गया बट गया हिस्सों में प्यार वीर का खो गया माँ की रसोई में माँ का हक़ खो गया झूलती तख्ती नाम की मालिक का रोब खो गया परिवर्तन की आंधी में वास्तविक कही खो गया मिलता ब्याज पे ब्याज वो मूलधन कही खो गया

एक सोच...बदलाव की जरूरत!

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एक सोच...बदलाव की जरूरत! 🙏 किसी शादी की पत्रिका घर पर  आये तो ही शादी में जाये, क्या ऐसे आमंत्रण ही स्वीकार करना सही है? क्या यही सही मनवार है? आज के समय मे काम करनेवाला वाला अकेला होता है, पत्रिका घर-घर जाकर देना, न चाहते हुए भी करना पड़ता है। ऐसा नही कि आपको बुलाना नही है, घर-परिवार शादी के कार्यों में उलझे हुए होते है,उसमे व्यवसाय छोड कर पत्रिका बांटने में महीना भर चला जाता है।मजे की बात है कि  बिना फोन कोई आता भी नही है तो इस पत्रिका की जरूरत समाप्त कर  देनी चाहिए। आज कल पत्रिकाएं इतनी महँगी, फिर चयन करना  उससे भी टेढ़ा, किसी का नाम छूट गया तो घर मे कळह, एक एक करके address ढूंढना मतलब असली  महाभारत की शुरुआत, finally जिसको नही आना है उसका घङाघङाया जवाब *कांई बतावा आपाने तो कूंकूं पत्रिका ही भेजी कोनी।* इस सबके बावजूद *पत्रिका का गन्तव्य स्थान  रद्दी की टोकरी।* क्यों न हम स्वयं आज की तकनीक का इस्तेमाल करके इसे आसान बनाये।हमारे किसी रिश्तेदार के यहाँ शादी हो तो उनसे कहे,कि आप पत्रिका न छापे,आप हमें मोबाइल पर कॉल करके,whatsapp पर शादी की जानकारी द...

माँ

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मां पर इतने सुंदर सुंदर बोल...एकसाथ...  🙏🏿 *गिनती नही आती मेरी माँ को यारों,* *मैं एक रोटी मांगता हूँ वो हमेशा दो ही लेकर आती है.☺* ======================== *🙏🏿जन्नत का हर लम्हा….दीदार किया था* *गोद मे उठाकर जब मॉ ने प्यार किया था* ======================== 🙏🏿 *सब कह रहें हैं*               *आज माँ का दिन है* *वो कौन सा दिन है..*               *जो मां के बिन है* ======================== 🙏🏿 *सन्नाटा छा* गया *बटवारे* के *किस्से* में.. जब *माँ* ने पूछा *मैं* हूँ किसके *हिस्से* में.....!!! ======================== 🙏🏿.... *घर की इस बार* *मुकम्मल तलाशी लूंगा!* *पता नहीं ग़म छुपाकर* *हमारे मां बाप कहां रखते थे...?*😔 ======================== 🙏🏿 *एक अच्छी माँ हर किसी* *के पास होती है लेकिन...* *एक अच्छी औलाद हर* *माँ के पास नहीं होती...* ======================== 🙏🏿 *माँ से छोटा कोई शब्द हो तो बताओ* *उससे बडा भी कोई हो तो भी बताना.....* ======================== 🙏🏿 *मंज...

लहरों से डर के नौका पार नहीं होती...

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लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है मन का विश्वास रगों में साहस भरता है चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती – सोहनलाल द्विवेदी #Motivational #poem #Manishq

Attitude वाली कुछ लाइन

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*💝" Lⓞⓥⓔ” तो 😍 मुझे 👰🏻" $ɰєєţ" 🍫 और “ =ŚíʍԹӀҽ"😈 लड़की �� से 😊 ही_होगा ...“Attɨtʊɖɛ "👻�� वाली_को ☺ तो_में 😇दूर से_ही 🙏🏻नमस्ते 🙊करता_हु  💋.........* #My_LOVE #Manishq आज़ाद पंछी हूँ, आज़ादी पसंद करता हूँ, ना किसी को क़ैद रखता हूँ, ना किसी की क़ैद में रहता हूँ… #Manishq #दर्द🧐 था #दिल❤ में पर जताया कभी नहीं, #आँसू😭 थे #आँखो👀 में पर दिखाया कभी नहीं, यही फ़र्क☯ है #दोस्ती👬 और #प्यार😘 में, #इश्क़💞 ने #हँसाया😁 कभी नहीं... और #दोस्तों👬 ने #रुलाया😭 कभी नहीं। #Manishq #दोस्ती👫 चेहरे की मीठी #मुस्कान 😁होती है, #दोस्ती👫 #सुख_दुःख 😂😁की पहचान होती है, रूठ😐 भी जाये हम तो #दिल ❤से मत लगाना, क्योंकि #दोस्ती 👫थोड़ी सी #नादान😎😆 होती है। #Manishq #फ़ोन 📲 कितना भी #smart क्यों ना हो...... जब तक तुम अपनी #सोच 🤔#Smart नही करोगे तब तक तुम्हें लोग पहचनागे 🤐 नही ....... #Manishq #Dear  Girls ये DSLR के कैमरों📷 से तुम्हारे थोबड़े😈 तो सही😌 हो सकते हैं,,,, लेकिन फितरत नहीं☝😏....❗❗  #Manishq #गुजर गय...